
{✍✍Ak } Shayari
वो एक तुम्हें इतना समझदार कर जाएगी कि अगर कोई औरत तुम्हारे पैरों में बैठकर रो भी दे,
तो तुम मुस्कराओगे मगर भरोसा नहीं करोगे।
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Ak
जो इल्ज़ाम बाकी रह जाए, वो मेरे कफ़न पे लिख देना।
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Ak
मुझसे बेहतर लड़का तो मिल जाएगा....
लेकिन मेरी माँ से बेहतर साँस नहीं !
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Ak
मैं वह चिराग हूं जो
आंधियों में रोशन था खुद मेरे घर की हवा ने बुझा दिया है मुझे
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Ak
सपना एक भी पूरा नहीं हुआ
साल एक और पूरा हो गया....!!
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Ak
मैं परिचित था होने वाली सभी घटनाओं
से परंतु सभी का एक साथ घटना मेरी कल्पना से परे था |
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Ak
शिकायतें बहुत है इंसान की फ़ितरत में
कल धूप से परेशान था,
आज बारिश से है...!!
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Ak
𝗝𝗼𝗶𝗻 |➛
@GOOD_NIGHT_WISHES
♡ ㅤ ❍ㅤ ⎙ㅤ ⌲
ˡᶦᵏᵉ ᶜᵒᵐᵐᵉⁿᵗ ˢᵃᵛᵉ ˢʰᵃʳᵉ
घर?
मेरा शरीर बुखार से तप रहा है
लेकिन घर वालों की कही गई बातों का दुःख ज्यादा है मुझे.
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Ak
𝗝𝗼𝗶𝗻 |➛
@GOOD_NIGHT_WISHES
♡ ㅤ ❍ㅤ ⎙ㅤ ⌲
ˡᶦᵏᵉ ᶜᵒᵐᵐᵉⁿᵗ ˢᵃᵛᵉ ˢʰᵃʳᵉ
हर बार तुम्हें मैंने वैसे देखा है,
जैसे किसी अंधे ने पहली बार दुनियाँ।)
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AK
🥹