Select your region
and interface language
We’ll show relevant
Telegram channels and features
Region
avatar

Brahmakumaris BK Shivani

brahmakumaris_bkshivani
Subscribers
29 700
24 hours
5
30 days
-700
Unusual 24 hours drop
Post views
2 493
ER
8,48%
Posts (30d)
71
Characters in post
275
Insights from AI analysis of channel posts
Channel category
Religion and Spirituality
Audience gender
Female
Audience age
25-34
Audience financial status
Middle
Audience professions
Psychology & Counseling
Summary
March 05, 11:55
Media unavailable
1
1
Show in Telegram

कभी भी दूसरो को अपने मन की बात बताते टाइम ये गलती मत करना
✔️

March 05, 11:55
Media unavailable
1
Show in Telegram

⭐️
⭐️
⭐️

March 04, 06:27
Media unavailable
1
Show in Telegram

पवित्रता एक शुद्ध सफेद कैनवास की तरह है जिस पर प्रेम और खुशी के रंग हमेशा के लिए रहते हैं। यह होली हमारे जीवन में पावनता लाने का माध्यम बने।
🧘🏻‍♂️
🧘🏻‍♀️
आप सभी को इस प्यार भरी, रंगीन और खुशी की बारिश करने वाली होली की हार्दिक शुभकामनाएं।
🎨
😇

March 03, 09:46
Media unavailable
2
Show in Telegram

खुद को कैसे बदलें ?

March 03, 09:46
Media unavailable
1
Show in Telegram

🫥
🫥
🫥

March 03, 05:34
Media unavailable
3
Show in Telegram

होली ऐसे मनाएं
✔️

March 03, 05:34
Media unavailable
1
Show in Telegram

🎨

March 03, 05:30
Media unavailable
1
1
Show in Telegram

Happy Holi

March 03, 05:30

"होली का आध्यात्मिक रहस्य"
भारत में अनेक त्यौहार मनाए जाते हैं उनमें से 'होली' का पवित्र त्यौहार बहुत उमंग उत्साह और खुशियों से मनाया जाता है। उसमें होली जलाते , एक दूसरे से मंगल मिलन मनाते हुए मुंख मीठा करते हैं। एक दूसरे को रंग लगाते हुए होली मनाते है।
होली माना- हो गई। बीती सो बीती। और दूसरा होली माना- पवित्र। हमारे जीवन में कुछ ऐसी घटनाए और परिस्थितियां आती है।उनके चिंतन से हम स्वयं दुखी और परेशान रहते है। कई बार हमारे बातों से या व्यवहार से दूसरे लोग भी दुखी और परेशान होते है। इन पुरानी बातों को बीती सो बीती! माना बिंदी लगाकर स्टॉप करने से पुरानी बातों को भूल कर अच्छे,और शुभ भावना वाले श्रेष्ठ विचार मन में लाकर फिर से हम पुनः खुशियों से आनंद से जीवन जी सकते हैं।
होली रात्रि को जलाते हैं। इस कलयुग के अज्ञान रूपी अंधकार की रात्री में हम मनुष्य आत्माएं देह भान में आकर काम ,क्रोध, लोभ, मोह ,और अहंकार के वश होकर, कर्म कर रहे हैं इसलिए लड़ाई झगड़े, कर्मभोग और बीमारी के कारण मनुष्य जीवन दु:खी अशांत हो चुका है। ऐसे समय पर हम मनुष्य आत्माओं के पिता परमात्मा शिव, सृष्टि के रचयिता इस धरती पर आकर ! हमें आत्मा का और परमात्मा का सत्य परिचय देकर सृष्टि चक्र का ज्ञान देकर, राजयोग सिखलाते हैं।
योग अग्नि से हमारे अंदर कि बुराई और असुरी संस्कार भस्म कर परमात्मा पिता के साथ हम मंगल मिलन मनाते हैं। जिससे आत्मा पवित्र और शुद्ध बनने से खुशी, आनंद और सुख मिलता है। इसका यादगार होली जलाकर एक दूसरे से खुशियों से मिलन मनाते है।
होली जलाने के बाद रंग लगाते हैं। इस कलयुग में हम आत्मा यह शरीर रूपी वस्त्र के संग के कारण कर्मेंद्रियों के अधीन होकर कर्म करती है इसलिए मनुष्य आत्माएं दुखी और अशांत हो गए हैं। हम मनुष्य आत्माओं को परमात्मा पिता ने आकर ज्ञान का रंग आत्मा को लगाया जिससे आत्मा के अंदर पवित्रता, सुख, शांति ,प्रेम ,आनंद और शक्ति यह आत्मा के ओरिजिनल गुणों का, अविनाशी पक्का रंग लगया। जिससे मनुष्य आत्मा के जीवन में अवगुण बुराई रूपी रंग मिट गया। और परमात्मा की याद के संग से आत्मा दिव्य गुणों से रंग गई। और मुख से सदैव ज्ञान के मधुर मीठे बोल, बोलते हैं। इसका यादगार होली में रंग लगाते और मुख मीठा कर है।
होली के त्यौहार में ,श्री कृष्ण और गोप गोपियों को रास-लीला और रंग खेलते हुए दिखाते हैं। क्योंकि इस संगम युग में साधारण रूप में आए हुए गोपी वल्लभ ,परमात्मा शिव मुरली का ज्ञान, हम गोप गोपियों को सुना कर आत्मा को संपूर्ण पावन बनते है और अतींद्रिय सुखों का रास कराते है। अपने जीवन से अवगुण बुराइयों को निकाल कर मनुष्य से देवता बनकर सुख शांति पवित्रता प्रेम की नई दुनिया में नए युग में राज्य देते है।
इसलिए यादगार में होली के बाद नये साल की शुरुआत दिखाते है।

March 02, 14:03
Media unavailable
1
Show in Telegram

होली की शुभकामनाएं
🌷