
🎯 HISTORY BY JRF PASSED(CHANNEL )📌UGC NET/JRF, ASSISTANT PROFESSOR/GRADE FIRST
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IMPORTANT FACTS
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शिवाजी एवं मराठों पर प्रमुख ग्रंथ
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1. पुर्तगाली स्रोत
🔹
कॉस्मो दे गुआर्दा (Cosme da Guarda)
▪
1695 ई. में पुर्तगाली भाषा में शिवाजी की जीवनी लिखी।
▪
मूल शीर्षक – Vida e Accoerio do Famoso e Felicissima Sevagy
▪
अंग्रेजी नाम – Life of the Celebrated Shivaji
▪
यह शिवाजी पर लिखी गई प्रारम्भिक यूरोपीय जीवनी मानी जाती है।
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📖
2. आधुनिक भारतीय एवं यूरोपीय कृतियाँ
🔹
शिवाजी सोवेनियर – गोविंद सखाराम सरदेसाई
🔹
New History of the Marathas – गोविंद सखाराम सरदेसाई
🔹
History of the Marathas – ग्रांट डफ
▪
मराठा इतिहास का प्रारम्भिक अंग्रेजी स्रोत।
🔹
Rise of the Maratha Power – एम. जी. रानाडे
▪
मराठा शक्ति के उदय का विश्लेषणात्मक अध्ययन।
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3. समकालीन मराठी स्रोत
🔹
सभासद बखर / शिव छत्रपतींचे चरित्र
▪
लेखक – कृष्णाजी अनंत सभासद
▪
अंग्रेजी नाम – Life of Shivaji (Shiva Chhatrapati)
▪
शिवाजी की आधिकारिक दरबारी जीवनी मानी जाती है।
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IMPORTANT FACTS
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🇮🇳
ब्रिटिश भारत के प्रमुख पदाधिकारी, अधिनियम एवं कार्यकाल
🇮🇳
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🔹
1. बंगाल के गवर्नर
▪️
प्रथम एवं अंतिम गवर्नर –
🏛️
वॉरेन हेस्टिंग्स
📅
कार्यकाल (Governor of Bengal) – 1772 – 1774
📜
संबंधित अधिनियम – Regulating Act, 1773
➝ 1774 से गवर्नर-जनरल बने।
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🔹
2. बंगाल के गवर्नर-जनरल
▪️
प्रथम –
👑
वॉरेन हेस्टिंग्स
📅
कार्यकाल – 1774 – 1785
📜
अधिनियम – Regulating Act, 1773
▪️
अंतिम –
👑
लॉर्ड विलियम बैंटिक
📅
कार्यकाल – 1828 – 1833
📜
परिवर्तन – Charter Act, 1833
➝ पद बना: Governor-General of India
━━━━━━━━━━━━━━━━━━
🔹
3. भारत के गवर्नर-जनरल
▪️
प्रथम –
🇬🇧
लॉर्ड विलियम बैंटिक
📅
कार्यकाल – 1833 – 1835
📜
अधिनियम – Charter Act, 1833
▪️
अंतिम –
🇬🇧
लॉर्ड कैनिंग
📅
कार्यकाल – 1856 – 1858 (GG of India)
📜
परिवर्तन – Government of India Act, 1858
➝ पद बना: Viceroy of India
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🔹
4. भारत के वायसराय
▪️
प्रथम वायसराय –
🎖️
लॉर्ड कैनिंग
📅
कार्यकाल – 1858 – 1862
📜
अधिनियम – Government of India Act, 1858
▪️
अंतिम ब्रिटिश वायसराय –
🎖️
लॉर्ड माउंटबैटन
📅
कार्यकाल – मार्च 1947 – 15 अगस्त 1947
📜
अधिनियम – Indian Independence Act, 1947
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🔹
5. स्वतंत्र भारत के गवर्नर-जनरल
▪️
प्रथम –
🇮🇳
लॉर्ड माउंटबैटन
📅
कार्यकाल – 15 अगस्त 1947 – जून 1948
▪️
प्रथम भारतीय एवं अंतिम गवर्नर-जनरल –
🇮🇳
चक्रवर्ती राजगोपालाचारी
📅
कार्यकाल – जून 1948 – 26 जनवरी 1950
📜
पद समाप्त – भारतीय संविधान लागू (1950)
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IMPORTANT FACTS
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पाबना किसान विद्रोह (1873–76 ई.)
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स्थान
• बंगाल का पाबना जिला (युसुफशाही परगना)
• बाद में विस्तार – ढाका, मैमन सिंह, बोगरा, राजशाही, फरीदपुर, बाकरगंज, बिदुरा आदि
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🏛
पृष्ठभूमि
• जमींदारों द्वारा मनमाना लगान वृद्धि
• अवैध सेस (abwabs) और अत्याचार
• किसानों में असंतोष की तीव्र भावना
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🤝
किसान संघ की स्थापना (1873)
• ‘Agrarian League’ (किसान संघ) की स्थापना
• उद्देश्य – संगठित एवं वैधानिक तरीके से अधिकारों की रक्षा
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👑
आन्दोलन की विचारधारा
• किसान ब्रिटिश शासन के विरोधी नहीं थे
• उनका नारा –
“हम महारानी और सिर्फ महारानी के रैय्यत होना चाहते हैं।”
• वे सीधे ब्रिटिश क्राउन के अधीन रहना चाहते थे, जमींदारों से मुक्त
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🧑🌾
प्रमुख नेता
• ईशानचन्द्र राय
• शम्भुपाल
• खोदी मल्लाह
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📰
प्रेस और समर्थन
• अमृत बाजार पत्रिका ने विरोध किया (जमींदार समर्थक रुख)
• इंडियन एसोसिएशन ने समर्थन किया
– सुरेन्द्रनाथ बनर्जी
– आनंद मोहन बोस
– द्वारकानाथ गांगुली
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🤝
सांप्रदायिक एकता का उदाहरण
• हिन्दू-मुस्लिम किसानों ने संयुक्त रूप से भाग लिया
• सामाजिक एकता का अनूठा उदाहरण
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⚖
प्रशासनिक प्रतिक्रिया
• लेफ्टिनेंट गवर्नर कैंपबेल ने सहानुभूतिपूर्ण रुख अपनाया
• जाँच आयोग की नियुक्ति
• आयोग की सिफारिशों के आधार पर
📜
बंगाल काश्तकारी अधिनियम, 1885 पारित
👉
परिणाम –
• किसानों को भूमि पर अधिकार संरक्षण
• जमींदारों की मनमानी पर नियंत्रण
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✨
आन्दोलन की विशेषताएँ
• पूर्णतः अहिंसक
• कानून के दायरे में संचालित
• संगठित, अनुशासित और वैधानिक संघर्ष
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🎭
साहित्यिक उल्लेख
• ‘जमींदार दर्पण’ नाटक
• लेखक – शर्फ हुसैन
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IMPORTANT FACTS
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अकबरकालीन दरबारी व्यक्तित्व एवं घटनाएँ (आकर्षक प्रस्तुति)
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👩🍼
जीजी अनगा (धाय माँ)
अंतगा (अतगा) खाँ, अकबर की धाय माँ जीजी अनगा के पति थे।
जीजी अनगा ने अकबर के जन्म के बाद उसे अपना दूध पिलाया।
उनकी मृत्यु पर अकबर ने शोक में सिर मुंडवाया — यह उनके प्रति गहरे सम्मान का प्रतीक था।
👑
अजीज कोका (कोका = दूध-भाई)
अजीज कोका, अकबर का दूध-भाई था।
अकबर ने उसे "खान-ए-आज़म" की उपाधि प्रदान की।
⚔️
अतगा खाँ की हत्या और अधम खाँ का दंड
माहम अनगा के पुत्र अधम खाँ ने दरबार में अतगा खाँ की हत्या कर दी।
अकबर इस विश्वासघात से अत्यंत क्रोधित हुआ।
उसने अधम खाँ को किले की प्राचीर से दो बार नीचे फिंकवाकर मृत्युदंड दिलाया।
(पहली बार गिरने पर वह जीवित बच गया, अतः दूसरी बार फिंकवाया गया।)
🕌
अतगा खाँ का मकबरा (निजामुद्दीन परिसर, दिल्ली)
स्थित: हज़रत निजामुद्दीन औलिया की दरगाह के निकट।
मकबरे पर अंकित नाम:
🏗️
वास्तुकार – खुदा कुली
✍️
सुलेखक – बाकी मुहम्मद
🕌
माहम अनगा का स्थापत्य योगदान
दिल्ली में पुराने किले (पुराना क़िला) के सामने
👉
‘खैर-उल-मंज़िल’ मस्जिद का निर्माण करवाया।
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IMPORTANT FACTS
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आइन-ए-अकबरी के अनुसार अकबर के 17 चित्रकार -ख्वाजा अब्दुस्समद, बसावन, मीर सैय्यद अली, दसवंत, मुकुंद, केशव, माधव, लाल, मिस्कीन, तारा, जगह, महेश, खेमकरण, सांवलदास, हरिवंश, राम, फर्रख कलमाक।
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IMPORTANT FACTS
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खाने-जहाँ मलिक मक़बूल (कवामुलमुल्क)
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🌸
मूल परिचय
✅
असली नाम – कन्नू (फूल)
✅
मूलतः – तेलंगाना का ब्राह्मण
✅
मुहम्मद बिन तुगलक का गुलाम बना
✅
इस्लाम कबूल करने पर नाम मिला – "मक़बूल"
📜
उपाधियाँ एवं उपनाम
✔️
मसनदे आली
✔️
आजमे हुमायूँ
✔️
उलुग कतलूग
✔️
कवामुलमुल्क (विशेष उपाधि)
🤝
राजनीतिक जीवन
✅
मुहम्मद बिन तुगलक ने दिया – नायब वज़ीर का पद
✅
फिरोज तुगलक ने बनाया – वज़ीर
✅
फिरोज उसे अपना भाई मानता था
✅
फिरोज तुगलक का प्रसिद्ध कथन –
👉
"खाने-जहाँ ही दिल्ली का महान और वास्तविक सुल्तान है।"
💰
वेतन एवं सम्मान
✔️
प्रतिवर्ष वेतन – 13 लाख टंका
✔️
ईमानदारी और निष्ठा के लिए प्रसिद्ध
⚰️
मृत्यु के बाद
✅
मृत्यु के बाद उसका पद और उपाधि → पुत्र जूना खाँ को मिली
⭐
IMPORTANT FACTS
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🎨
जहाँगीर कालीन प्रमुख चित्रकार
🖌️
1. मनोहर
बसावन का पुत्र
🦁
शिकार दृश्यों के चित्रण में विशेष दक्ष
प्रसिद्ध चित्र –
शेर का शिकार करते हुए जहाँगीर
काला हिरण
📖
शेख सादी की ‘गुलिस्तां’ में मनोहर की स्वयं की तस्वीर संकलित
🖌️
2. दौलत
जहाँगीर के आदेश पर पानी में देखकर स्वयं का चित्र बनाया
👨🎨
अपने समकालीन चित्रकारों के चित्र बनाए –
बिशनदास
अबुल हसन
गोवर्धन
आत्मचित्रण (Self-portrait) के लिए प्रसिद्ध
🖌️
3. फारुख बेग
दौलत का गुरु
🏛️
जहाँगीर काल का वरिष्ठ चित्रकार
प्रमुख कृतियाँ –
सुल्तान इब्राहिम आदिलशाह का चित्र
प्राचीन कवियों एवं दरवेशों के चित्र
🖌️
4. गोवर्धन
🎶
संतों, संगीतज्ञों और फकीरों के चित्रण में निपुण
शाहजहाँ काल के चित्रकार विचित्र द्वारा निर्मित
सूफी गायकों का चित्र प्रसिद्ध
🖌️
5. मोहम्मद नादिर
मंसूर की भाँति
🌸
पौधों व पुष्पों के चित्र बनाने में दक्ष
प्रसिद्ध चित्र –
नर्गिस का फूल
🖌️
6. बिशनदास
🖼️
छवि चित्र (शबीह) बनाने में माहिर
जहाँगीर द्वारा फारस के शाह अब्बास के दरबार में भेजा गया
प्रमुख चित्र –
शाह अब्बास की शबीह
नूरजहाँ की शबीह
⭐
IMPORTANT FACTS
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📚
अकबर के समय प्रमुख अनुवाद कार्य (मकतबखाना)
🏛️
अनुवाद विभाग (मकतबखाना)
📅
1574 ई. — फतेहपुर सीकरी में स्थापना
👤
अध्यक्ष — फैजी
👤
सहायक — अब्दुर्रहीम ख़ानख़ाना
📖
प्रमुख ग्रंथ एवं अनुवाद
1️⃣
सिंहासन बत्तीसी
🔤
नाम — खिराद-ए-अफज़नामा
✍️
अनुवादक — बदायूंनी
📅
1574–75 ई.
⭐
सबसे पहले अनूदित ग्रंथ
2️⃣
अथर्ववेद
✍️
अनुवादक — हाजी इब्राहिम सरहिंदी
📝
पहले यह कार्य बदायूंनी को सौंपा गया था
3️⃣
महाभारत
🔤
नाम — रज़्मनामा
👤
नेतृत्व — नकीब ख़ाँ
✍️
अनुवादक — बदायूंनी, मुल्ला शेरी, हाजी सुल्तान थानेसरी
📅
1582 ई.
4️⃣
रामायण
🔤
नाम — दराबनामा
✍️
अनुवादक — बदायूंनी
📅
1584–88 ई.
5️⃣
कलीला दिमना
🔤
नाम — आयार-ए-दानिश
✍️
अनुवादक — अबुल फ़ज़ल
📅
1589–90 ई.
6️⃣
राजतरंगिणी
🔤
नाम — बहर-उल-अस्मार
✍️
अनुवादक — शाह मुहम्मद शाहाबादी
📅
1590 ई.
7️⃣
लीलावती
✍️
फारसी अनुवाद — फैजी
8️⃣
भागवत पुराण
✍️
अनुवादक — फैजी
9️⃣
नल–दमयंती
🔤
नाम — नल ओ दमन
✍️
अनुवादक — फैजी
📅
1594 ई.
🔟
पंचतंत्र
🔤
नाम — अनवार-ए-सुहैली
✍️
अनुवादक — अबुल फ़ज़ल
📜
बाइबिल
📌
फारसी अनुवाद सर्वप्रथम अकबर के संरक्षण में किया गया
https://t.me/HISTORYBYJRFPASSEDD
⭐
MOST IMPORTANT FACTS
⭐
🏰
मुगल साम्राज्य में सूबा व्यवस्था (Akbar से Aurangzeb)
🔶
अकबर का काल
📅
1580 ई. (शासन का 24वाँ वर्ष)
अकबर ने सम्पूर्ण साम्राज्य को 12 सूबों में विभाजित किया
📘
आइन-ए-अकबरी में भी 12 प्रान्तों का उल्लेख
📅
1605 ई. तक
अकबर ने 3 नए सूबे और जोड़े
🔢
कुल सूबे = 15
📍
अकबर के प्रमुख सूबे (15)
1️⃣
इलाहाबाद
2️⃣
आगरा
3️⃣
दिल्ली
4️⃣
काबुल
5️⃣
लाहौर
6️⃣
मुल्तान
7️⃣
बिहार
8️⃣
बंगाल
9️⃣
अहमदाबाद
🔟
अजमेर
1️⃣
1️⃣
अवध
1️⃣
2️⃣
मालवा
🔻
दक्षिण के सूबे
1️⃣
3️⃣
खानदेश
1️⃣
4️⃣
बरार
1️⃣
5️⃣
अहमदनगर
📝
दक्षिण के तीनों सूबों के लिए एक ही सूबेदार नियुक्त
🏙️
राजधानी – बुराहनपुर
🔶
जहाँगीर का काल
कुल सूबे = 17
🏔️
कांगड़ा को जीतकर लाहौर सूबे में सम्मिलित किया गया
🔶
शाहजहाँ का काल
अकबर द्वारा अन्य सूबों में मिलाए गए क्षेत्रों को अलग सूबा बनाया गया
🏔️
कश्मीर (लाहौर से अलग)
🌊
थट्टा (मुल्तान से अलग)
🌾
उड़ीसा (बंगाल से अलग)
🔢
कुल सूबे = 18
🔶
औरंगजेब का काल
⚔️
गोलकुंडा व बीजापुर पर विजय
🔢
कुल सूबे = 20
📚
दत्त, रायचौधरी व मजूमदार के अनुसार
औरंगजेब के समय कुल सूबे = 21
🟩
उत्तर भारत – 14 सूबे
🌍
भारत के बाहर – 1 (काबुल)
🔻
दक्षिण भारत – 6 सूबे
✨
परीक्षात्मक तथ्य (Quick Revision)
आइन-ए-अकबरी → 12 सूबे
दक्षिण के तीनों सूबों की राजधानी → बुराहनपुर
सबसे अधिक विस्तार → औरंगजेब के काल में