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घटना: मोपला विद्रोह, 1921
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स्थान: मालाबार क्षेत्र, केरल
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पृष्ठभूमि: खिलाफ़त आंदोलन + धार्मिक कट्टरता
“मोपला विद्रोह (1921) — खिलाफ़त के नाम पर उठा आंदोलन, जो धार्मिक उन्माद, संगठित हिंसा, जबरन धर्मांतरण और हजारों निर्दोष हिंदुओं की त्रासदी में बदल गया; जिसे राष्ट्रीय राजनीति ने लंबे समय तक ‘गलत समझा’ या ‘नज़रअंदाज़’ किया।”
गांधी जी के अनुसार–मोपला मुसलमान “भटके हुए” थे, उनकी हिंसा को धार्मिक उन्माद से अधिक राजनीतिक संदर्भ में देखा जाना चाहिए
अंबेडकर का निष्कर्ष:
“नैतिक आदर्श तब अर्थहीन हो जाते हैं, जब वे पीड़ितों के साथ न्याय नहीं कर पाते।”
नायर का आरोप:
“राष्ट्रीय एकता की कहानी गढ़ने के लिए ऐतिहासिक सच्चाई की बलि दी गई।”
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"हिंसा पर गांधीजी की ज्यादा आपत्ति इसलिये थी
गांधी के द्वारा हिंसा का विरोध न करने के संदर्भ में फ्रांसिस हचिंस का कहना था कि "हिंसा पर गांधीजी की ज्यादा आपत्ति इसलिये थी क्योंकि इससे जन भागीदारी में कमी आती थी, लेकिन 1942 में ऐसा नहीं हुआ था।"
जब गांधीजी ने स्वयं हिंसा की निंदा करने से इंकार कर दिया
ध्यातव्य है कि 1942 में गांधीजी ने स्वयं हिंसा की निंदा करने से इंकार कर दिया था। इस संदर्भ में 5 अगस्त को गांधीजी ने अपने सम्बोधन में कहा था कि "मैं आपसे अपनी अहिंसा की मांग नहीं कर रहा। आप तय करें कि आपको इस संघर्ष में क्या करना है?" उनके अनुसार साम्राज्यवादी सत्ता की व्यापक हिंसा का जवाब भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान सत्याग्रहियों की हिंसा से दिया गया।
वीर सावरकर ने कई पुस्तकें लिखीं, जिनमें से कुछ प्रमुख पुस्तकों के नाम अंग्रेजी में निम्नलिखित हैं :-
1. _The Indian War of Independence, 1857_ (1909) - यह पुस्तक 1857 के भारतीय स्वतंत्रता संग्राम पर केंद्रित है।
2. _Life of Shivaji_ (1920) - यह पुस्तक शिवाजी महाराज के जीवन और योगदान पर केंद्रित है।
3. _Hindutva: Who is a Hindu?_ (1923) - यह पुस्तक हिंदुत्व की अवधारणा पर केंद्रित है और हिंदू धर्म की परिभाषा को समझाती है।
4. _Six Glorious Epochs of Indian History_ (1963) - यह पुस्तक भारतीय इतिहास के छह महत्वपूर्ण युगों पर केंद्रित है।
5. _The Barrister-at-Law: A Memoir_ (1920) - यह पुस्तक सावरकर के जीवन के शुरुआती वर्षों और उनके कानूनी प्रशिक्षण पर केंद्रित है।
6. _The Story of My Transportation for Life_ (1927) - यह पुस्तक सावरकर के जीवन के अनुभवों और उनके स्वतंत्रता संग्राम में योगदान पर केंद्रित है।
7. _My Defence_ (1920) - यह पुस्तक सावरकर के मुकदमे और उनके बचाव पर केंद्रित है।
8. _The War of Indian Independence of 1857_ (1909) - यह पुस्तक 1857 के भारतीय स्वतंत्रता संग्राम पर केंद्रित है।
9. _Shivaji's Military and Administrative System_ (1920) - यह पुस्तक शिवाजी महाराज के सैन्य और प्रशासनिक प्रणाली पर केंद्रित है।
10. _Hindu-Pad-Padashahi_ (1925) - यह पुस्तक हिंदू धर्म और हिंदू संस्कृति पर केंद्रित है।
11. _The Indian War of Independence_ (1909) - यह पुस्तक भारतीय स्वतंत्रता संग्राम पर केंद्रित है।
12. _The Life of Guru Govind Singh_ (1920) - यह पुस्तक गुरु गोविंद सिंह के जीवन और योगदान पर केंद्रित है।
13. _The History of the Sikhs_ (1920) - यह पुस्तक सिख धर्म और सिख इतिहास पर केंद्रित है।
14. _The Life of Rani Lakshmibai of Jhansi_ (1920) - यह पुस्तक झांसी की रानी लक्ष्मीबाई के जीवन और योगदान पर केंद्रित है।
15. _The Social and Political Ideals of Shivaji_ (1920) - यह पुस्तक शिवाजी महाराज के सामाजिक और राजनीतिक विचारों पर केंद्रित है।
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