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💓सुकूँन 💓

happishas12781
सुक़ून चाहिए ,यहाँ आइए !! ❣️ स्वस्थ रहे ! मस्त रहे ! व्यस्त रहे! पढ़ते रहे! 🌻 🌻
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Инсайты от анализа ИИ по постам канала
Категория канала
Искусство и культура
Пол аудитории
Женский
Возраст аудитории
25-34
Финансовый статус аудитории
Средний
Профессии аудитории
Дизайн и творческие искусства
Краткое описание
February 26, 15:53

प्राथमिकता तय करती है कि आपके मायने क्या है किसी के जीवन में, बाकी तो विकल्प बहुत है मन बहलाने के लिए....!!!

February 26, 13:23

तेरी बनावट देखकर खुदा ने नक़्शे बनाए हैं जहाँ के,
तेरे आगे-पीछे घूमते हैं आशिक़ कहाँ-कहाँ के,
और तूने जिन पत्थरों को मारी थी ठोकर उस दिन,
सुना है ताजमहल में संगमरमर लगे हैं वहां-वहां के!!
🤍

February 26, 07:11

💓
सुकूँन
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February 26, 07:10
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February 26, 06:46

Sometimes it feels like .. k mai bss bhag rhi rhi hun...ek robotic life jee rhi...., or in sb thoughts se kaafi ulat palt ho jata h sb mereife me ... Czz....  I like flow  not rigidity I love shaanti and sukoon not hauchpauch and hectic life I love Nature and azadi not only these bndha hua sa schedule some books study table and lamp .
So... whenever I feel k mujhe thoda sa the-her jana chahiye ruk jana chahiye to I do it ... Qnki Situations ko present life me lekr jeena is my moto and my khusi my satisfaction...
Hn ab ise hr roj ka bhana bnakr mai escape nhi krti ..., "sometimes" aisa krne me behtr h cZ it feels to me  k mujhe  meri ab bhi fikr h mai khud se khud liye ba kam nhi le rhi mai khud k sath jee bhi rhi hun
❤️
🫂
✍🏻
~a warm hug to uh Mubahila
🫂
❤️
"
{now start studying with love

🎀
not with tention}
#мυвαнιℓα_Qυαdri
diary writting
✍🏻

February 25, 16:00

उसने भी किया नही होगा ख्यालों से आज़ाद मुझे
किसी तन्हा शाम बैठ कर वो करती होगी याद मुझे
या शायद बदल गई होगी, अपनी दुनिया में रहती होगी
पर इतना भी बुरा नहीं था वो, आहिस्ता से कहती होगी
निकाल कर किसी महफूज़ जगह से देखती होगी तस्वीर हमारी
दो आंसू तो टपकाती होगी, कोसती होगी तकदीर हमारी
शायद मेज पर नए वाले के साथ मेरी तस्वीर रख देती होगी
चाहे पल भर को सही, उसकी तस्वीर धक देती होगी
तब गुस्से में कह गई थी, मै फरेबी था, उचक्का था
अब मेरे खत पढ़कर कहती होगी, लड़का वादे का तो पक्का था
उस वक्त ज़हन में तेरे,मेरा ख्याल तो घूमता होगा
होंठ पर चल ना सही, जब कोई तेरा माथा चूमता होगा
फिर सब कुछ बंद करके वो रकीब को फोन लगाती होगी
इधर मैं बैठा सोच रहा, भटक गई थी, आती होगी!!
🤍

February 25, 12:52

"कैसे हो"
एहसास मन के कहूं कैसे,
तुम तो अब पूछते भी नहीं
"कैसे हो"
,
वो बात और थी,
"हम ठीक है"
ये ही कहते,
तुम ये सुनकर
"अच्छा ठीक"
कहते,
इतनी सी गूफ्तगू में भी मन बहल जाता हमारा,
मगर बात ये है कि,
तुम तो अब पूछते भी नहीं
"कैसे हो"
-लफ़्ज-ए-प्रशान्त
✍🏻

February 25, 11:53

मुड़े-मुड़े से हैं,
किताब-ए-इश्क़
के पन्ने,
ये कौन है,
पढ़ता
है हमारे बाद हमको..
🌾
🤍

February 24, 20:09

तुम जा रही हो? सच में? जाओ ख़ुश रहो
जिस से निभानी है निभाओ ख़ुश रहो
क्यूँ वक़्त-ए-रुख़्सत रो रही हो मेरी जाँ
आंखें उठाओ मुस्कुराओ ख़ुश रहो
जाओ जियो इस जिंदगी की राह में
सपने सजाओ, घर बसाओ, ख़ुश रहो
जिस की भी आँखों में रहो खिलती रहो
जिस की भी बाँहों में समाओ ख़ुश रहो
मुझे को बुलाती है सदा सहराओं की
मैं जा रहा हूँ हम-नवाओ ख़ुश रहो
मेरे मुक़द्दर में फ़क़त तन्हाई है
तुम यारों की महफ़िल सजाओ ख़ुश रहो
वो जो खटकता था तुम्हारी आँखों को
वो मर गया, फ़रमाँ-रवाओ ख़ुश रहो!!
🤍

February 24, 16:48
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वो एक लड़की,
पूरी महफ़िल में ,
मेरी इन आँखों को,
वो एक लड़की मुझको पसंद आ गई,
खुले बाल लिए,
वो मेरी नजरों के सामने,
अचानक ही आ गई,
माथे पर एक छोटी बिंदी,
उसके बेहद खूबसूरत लग रही थी,
उसकी निगाहें मेरा चैन चुरा गई,
यूं तो उसने श्रृंगार में बस,
होंठो पर सुर्ख लिपस्टिक,
और आंखों में थोड़ा काजल ,
हाथों में मेंहदी थी रचाई उसने,
उसका खिला हुआ रंग देख,
ऐसा लगा उसने मेरे लिए ही लगाई ,
उसकी कलाइयों पर
वो टिकटिक करती घड़ी की सुइयां,
अब भी मुझे सुनाई दे रही है,
मानो वो मुझे बुला रही हो।
उसके चेहरे पर जो तिल था,
देखते ही मेरा मन उसका हो गया,
हां वो एक लड़की मुझको भा गई।।
उसका काफी था मुस्कुराना वैसे तो
लेकिन दिल को कायल
भरी महफिल में उसका नजरे चुराना कर गया।
लहंगे में वो खूबसूरत कोई कयामत सी,
उसको देख मेरा समय मानो जैसे रुक सा गया,
सादगी से भरी उसकी खूबसूरती छा गई
हां पहली बार मुझको लगा कि,
कोई तो मेरा दिल चुरा ले गई,
हां वो एक लड़की मुझको पसंद आ गई।
वो एक लड़की मुझको पसंद आ गई।।
-लफ़्ज-ए-प्रशान्त
✍🏻
#m_rwriter
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