
बेनाम शायर💌✍️
रंगों के इस पावन पर्व पर,
जब फाल्गुन की बयार कचनार की डालियों को छूकर मुस्कुरा रही है,
जब सरसों के खेत पीली चुनरी ओढ़े इठला रहे हैं,
और आकाश में उड़े गुलाल सा सूरज ढल रहा है…
तब मेरा मन भी तुम्हारे नाम के रंग में भीग जाना चाहता है।
प्रिय,
इस होली मैं तुम्हें केवल अबीर–गुलाल नहीं,
अपने मन की हर धड़कन अर्पित करना चाहती हूँ।
जैसे पलाश के फूल वन को अग्नि सा रंग देते हैं,
वैसे ही तुम्हारा प्रेम मेरी सूनी ऋतुओं को वसंत बना देता है।
जब तुम पास होते हो तो लगता है
जैसे हवा में कोई मधुर गंध घुल गई हो,
जैसे कोयल ने पहली बार कुहुकना सीखा हो,
जैसे मेरे आँगन में चुपके से इंद्रधनुष उतर आया हो।
इस होली पर
मैं चाहती हूँ तुम्हारे गालों पर रंग लगाते हुए
तुम्हारी आँखों में अपना सारा संसार देखूँ…
और तुम्हारे स्पर्श से यूँ रंग जाऊँ
कि फिर कोई और रंग मुझ पर चढ़ ही न सके।
तुम्हारी ही,
जिसे तुम्हारे प्रेम का रंग जीवन भर नहीं उतारना।
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@kataizaharila
अपनी असल कहानी उसी शख़्स को बताना..
जो पढ़ी हुई किताबें भी संभाल कर रखता हो...!!
@kataizaharila
प्रेम में होंठों पर नहीं पैरों पर किए जाने चाहिए चुम्बन..
ताकि जाने की ताकत क्षीण हो जाए और बांहें एक दूसरे को समेट लें!!
@kataizaharila
एकतरफा इश्क़ की ये सीख है,
उनका दिख जाना भी एक भीख है,
मैंने जब भी कि उनसे इज़हार-ए-मोहब्बत,
वो कहते हैं हम दोस्त ही ठीक हैं…
@kataizaharila
मेरा इश्क गंगा का वो घाट है जिसे तुमने सदियों से नहीं छुआ,
और तुम बनारस की वो मन्नत हो जिसे मांगते ही मैं महादेव का हुआ
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@kataizaharila
थम नहीं रहीं दिल ए शैतानीयां..
करना चाहता है तुम संग में मनमानीयां
@kataizaharila
मैं "तारीफ" लिखने बैठा था तुम्हारी
मखमली हुस्न की कलम ही रुक गई तुम्हारी कमर की सिलवटें देखकर..!!
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@kataizaharila
जानती हो! मेरा हर बसंत बस तुमसे है।
भींगे खुले बाल..कत्थई और पीली चूनर ओढ़े, फुलवारी के बीच.. किसी हल्की सर्द सुबह में खिंचवाई गई तुम्हारी वो तस्वीर मैं अक्सर घंटो निहारता हूं। मन उछाह से भर जाता है। मन को हजारों बसंत एक बार में छू जाते हैं।
शुभकामनाएँ।
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@kataizaharila
बिछड़कर मर जाना तो एक 'प्रेममय' कल्पना है...
वास्तविकता तो यह है कि हम मरते नहीं...
हम बस धीरे ~ धीरे थोड़े ~ थोड़े कम होते जाते हैं... एक फीके रंग की तरह !!
🖤
🩶
@kataizaharila
माना कि सब झूठ है लेकिन
सच है बाद तुम्हारे मुझको इश्क नहीं होगा
होगी तन्हाई मेरे पहलू में
और बारिश चेहरे को चूमेगी
बात किसी की होगी लेकिन
आँखों में तुम्हारा चेहरा होगा
माना कि सब ख्वाब है लेकिन
सच है बाद तुम्हारे मुझको इश्क नहीं होगा
❤️
@kataizaharila